हमारे गांवों का पुनर्निर्माण, अध्याय-3 भाग-1 गांवों की सफाई
अध्याय-3 भाग-1 गांवों की सफाई गाँवों में करने के कार्य ये है कि उनमें जहाँ-जहाँ कुड़े-कर्कट तथा गोबर के ढेर हो, वहाँ-वहाँ से उनको हटाया जाय और कुओं तथा तालाबों की सफाई की जाय । अगर कार्यकर्ता लोग नौकर रखें हुए भंगियों की भांति खुद रोज सफाई का काम करना शुरू कर दें और साथ ही गाँव वालों को यह भी बतलाते रहें कि उनसे सफाई के कार्य में शरीक होने की आशा रखी जाती है,ताकि आगे चलकर अंत में सारा काम गाँव वाले स्वयं करने लग जायं, तो यह निश्चित है की आगे या पीछे गाँव वाले इस कार्य में अवश्य सहयोग देने लगेंगे । वहाँ के बाजार तथा गलियों को सब प्रकार का कूड़ा-कर्कट हटाकर स्वच्छ बना लेना चाहिए । उसमें से कुछ का तो खाद बनाया जा सकता है, कुछ को सिर्फ जमीन में गाड़ देना भर बस होगा और कुछ हिस्सा ऐसा होगा कि जो सीधा संपती के रूप में परिणत किया जा सकेगा । वहाँ मिली हुई प्रत्येक हड्डी एक बहुमूल्य कच्चा माल होगी, जिससे बहुत सी उपयोगी चीजें बनाई जा सकेंगी, या जिसे पीसकर कीमती खाद बनाया जा सकता है और इधर-उधर से इकट्ठा किया हुआ मल-मूत्र गाँव के खेतों के लिए स्वर्णमय खाद का काम देगा । मल-मूत्र को उपय...