चल सको तो चलो 

सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो,

सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो,

किसी के वास्ते राहें कहां बदलती हैं 

तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो,

यहां किसी को कोई रास्ता नहीं देता, 

मुझे गिरा के अगर तुम संभल सको तो चलो


अगर उम्र भर की चाह है, कदम मिलाकर चल सको तो चलो,

प्यार को नहीं समझती है ये दुनियाँ, काँटों पर चल सको तो चलो,

दिल की आवाज हो तुम, सुन सको तो चलो, 

बड़ी उलझन है जिंदगी में, सुलझ सको तो चलो, 

मंजिल है साथ पाने की, दिल मिला सको तो चलो,

ये जिंदगी भी तो अब तुम्हारी ही है, जिंदगी बना सको तो चलो

उम्र गुजारना है तेरी बाहों में, सीने से लगा सकती तो चलो |                                                                                       




 



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