लोकतंत्र और गांधी विचार बिंदु

1. सच्चा लोकतंत्र केंद्र बैठे हुए 20 व्यक्तियों द्वारा नहीं चलाए जा सकता है। उसे प्रत्येक गांव के लोगों को नीचे से चलाना होगा।
2. स्वतंत्रता नीचे से प्रारंभ होने चाहिए। इस प्रकार प्रत्येक गांव का एक प्रजातंत्र अथवा पंचायत होगा, जिसके हाथ में संपूर्ण सता होगी।
3. यह पंचायत अपने कार्यकाल में स्वयं ही धारा सभा, न्याय सभा और व्यवस्थापिका सभा का सारा काम संयुक्त रूप से करेगी।
4.अगर हिंदुस्तान के हर एक गांव में कभी पंचायती राज कायम हुआ, तो मैं अपनी इस तस्वीर की सच्चाई साबित कर सकूंगा, जिसमें सबसे पहला और सबसे आखरी दोनों बराबर होंगे यूं कहिए कि ना कोई पहला होगा न आखिरी।
5. अगर हम पंचायती राज का सपना पूरा करना चाहते हैं तो मानना होगा छोटे से छोटा हिंदुस्तानी बड़े से बड़े हिंदुस्तान के बराबर ही हिंदुस्तान का शासक है।

सन्दर्भ- तीसरी सरकार- डॉ. चन्द्रशेखर प्राण, पृष्ठ- 17

             धमेन्द्र भाई
   युवा समाजिक कार्यकर्ता
  मोबाइल- 8115073618

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