विजय और पराजय

                             विजय और पराजय

दोस्तों हम जानते है कि आपका दिमाग " विचारों की फैक्टरी" है। यह  एक व्यस्त फैक्टरी है , जो एक दिन में अनगिनत विचारों का उत्पादन करती है।

आपके विचारों के इस फैक्टरी में उत्पादन के इंचार्ज दो फोरमैन  है,जिसमे से एक को हम मिस्टर विजय और दूसरे को मिस्टर पराजय का नाम देंगे। मिस्टर विजय सकारात्मक विचारों के निर्माण के इंचार्ज है । उनकी विशेषज्ञता इस तरह के कारण देने में है कि आप क्यों सफल हो सकते है, आपमे इस काम की काबिलियत क्यों है, और आप इसमें क्यों सफल होंगे।
दूसरा फोरमैन  मिस्टर पराजय नकारात्मक,कमतरी के विचारों का उत्पादन करता है। यह फोरमैन इस तरह के कारण ढूंढने में महारत रखता है कि आप कोई काम क्यों नही कर सकते , कि आप क्यों  कमजोर है, कि आप क्यों अक्षम है । उसकी विशेषज्ञता इस तरह के विचारों की श्रृंखला ढूंढने में है कि "आप क्यों असफल हो जाएंगे?"
मिस्टर विजय और मिस्टर पराजय दोनों ही बड़े आज्ञाकारी होते है। वे तुरंत उपजी बात पर ध्यान देंते है । आपको दोनों में से किसी भी फोरमैन को मानसिक रूप से संकेत भर देना होता है। अगर संकेत सकारात्मक होता है तो मिस्टर विजय आगे आ जाएंगे और काम मे जुट जाएंगे। इसी तरह नकारात्मक संकेत देखते ही मिस्टर पराजय सक्रिय हो जाएंगे।

दोनों फोरमैन आपके लिए किस तरह का काम करते है , इसे स्वयं आजमाकर देखिए। अपने आप से कहें," आज तो बहुत हीं बुरा दिन है।" इससे मिस्टर पराजय हरकत में आ जाएंगे और वे आपको सही साबित करने के लिए कुछ तथ्य का उत्पादन कर देंगे। वे आपको यह सुझाव देंगे कि आज मौसम ज्यादा गर्म या ठंढा है , आज बिजनेस बुरा रहेगा, बिक्री कम होगी, दूसरे लोग चिड़-चिड़े रहेंगे , आप बीमार पड़ जाएंगे, आपकी पत्नी आज बात का बतंगड़ बना देगी। मिस्टर पराजय बेहद सक्षम होते है।वे आपको कुछ ही मिनटों में पूरी तरह विश्वास दिला देते है कि आज का दिन सचमुच बहुत बुरा है। और आपका दिन सचमुच बुरा साबित होता है।

परंतु अपने आप से कहें , " आज कितना बढिया दिन है ।"  और फिर क्या तत्काल मिस्टर विजय सक्रिय हो जाते है।वे आपको बताते है कि," आज शानदार दिन है। खुशगवार मौसम है। कितना सुखद जीवन है । आज तो जो भी काम करेंगे बढ़िया करेंगे और आप उसमें निश्चित रूप से सफल होंगे। " और आपका वह दिन सचमुच बहुत अच्छा गुजरता है।
इसी तरह से मिस्टर पराजय आपको यह बताते हैं कि आप  मिस्टर रवि को माल क्यों नही बेच सकते , जबकि मिस्टर विजय आपको बताते है कि आप मिस्टर रवि को माल किस तरह बेच सकते है। मिस्टर पराजय आपको यह विश्वास दिलाते है कि आप असफल हो जाएंगे, जबकि मिस्टर विजय आपको यह विश्वास दिलाते है कि आप क्यों सफल होंगे। मिस्टर पराजय अजित को नापसंद करने के कई कारण गिना देंगे, जबकि मिस्टर विजय अजित को पसंद करने के कई कारण गिना देंगे।

आप इस दोनों फोरमैंनों में से जिसे ज्यादा काम देंगे , वह उतना ही ताकतवर बनता जाएगा। अगर मिस्टर पराजय  को ज्यादा काम ढिया जाएगा तो वह अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ा लेगा और आपके दिमाग की जगह पर कब्जा कर लेगा । एक दिन ऐसा आएगा जब वह आपके दिमाग के विचारो का पूरा उत्पादन अपने हाँथ में ले लेगा और इसके बाद आपकी मानसिकता पूरी तरह नकारात्मक हो जाएगी।

समझदारी इसी में है कि आप मिस्टर पराजय को तत्काल नौकरी से निकाल दें। आपको उनकी जरूरत नहीं है।  आपको उनकी इस सलाह की जरूरत नही है कि आप कोइ काम क्यों नही कर सकते, कि आप क्यों अक्षम हैं, और आप क्यों असफल होंगे इत्यादि। जहां आप पंहुचना चाहते है , वहाँ तक आपको पँहुचाने में मिस्टर पराजय आपकी कोई मदद नही कर सकते , इसलिए मिस्टर पराजय को आप धक्के मारकर अपने दिमाग की फैक्टरी से निकाल दें।

पूरे समय मिस्टर विजय से हीं काम लें । जब भी आपके दिमाग में कोई विचार आए तो मिस्टर विजय को हीं वह काम सौंपे । वह आपको बताएंगे कि आप किस तरह सफल हो सकते हैं।

                 धमेंद्र कुमार उपाध्याय
                 Mo. 8115073618, 9422792558
Email-  dhamendraupadhyay924@gmail.com
          - dhamendrau@yahoo.com

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